नेपाल सरकार राजदूतों की नियुक्ति खुली प्रतिस्पर्धा से करने की तैयारी में

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काठमांडू, 29 अप्रैल । नेपाल सरकार ने राजदूतों की नियुक्ति खुली प्रतिस्पर्धा के माध्यम से करने की तैयारी शुरू कर दी है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में पिछले सोमवार को यह संकेत दिया था कि इस संबंध में जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा।

खनाल के अनुसार, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से सहमति ले ली है। अगर ऐसा होता है तो बालेन्द्र शाह के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर होगा, जब खुली प्रतिस्पर्धा के जरिए राजदूत नियुक्त किए जाएंगे। इससे पहले केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2018 में राजनीतिक कोटे से नियुक्त होने वाले राजदूतों के लिए भी मापदंड तय किया था।

‘राजदूत नियुक्ति संबंधी निर्देशिका के अनुसार, कुल रिक्त राजदूत पदों में कम से कम 50 प्रतिशत नियुक्ति विदेश सेवा और शेष 50 प्रतिशत राजनीतिक नियुक्ति के जरिए किए जाने का प्रावधान है। पिछली सरकारों ने कभी भी खुली प्रतिस्पर्धा के माध्यम से राजदूत नियुक्त नहीं किए हैं। अब तक विदेश मंत्रालय में कार्यरत करियर डिप्लोमेट्स और सत्तारूढ़ दल द्वारा चुने गए लोगों को ही राजदूत बनाया जाता रहा है।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बार भी मंत्री खनाल से आग्रह किया है कि 50 प्रतिशत से अधिक राजदूत करियर डिप्लोमेट्स में से नियुक्त किए जाएं।खुली प्रतिस्पर्धा के लिए जारी होने वाले विज्ञापन में इच्छुक उम्मीदवारों की आयु, अनुभव और शैक्षिक योग्यता जैसी जानकारियां मांगे जाने की तैयारी की जा रही है।