पूर्वी सिंहभूम, 24 अप्रैल । डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां इलाजरत एक विचाराधीन कैदी ने अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है, जो घाघीडीह जेल में बंद था और पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में बताया जा रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार ने इससे पहले जेल के भीतर भी आत्महत्या की कोशिश की थी। उसने अपना गला काटने का प्रयास किया था, लेकिन समय रहते जेल प्रशासन ने उसे बचा लिया। गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रांची भेजने की तैयारी भी की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर पुलिसकर्मी उसे कैदी वार्ड से डॉक्टर के पास जांच के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान उसने अचानक पुलिसकर्मियों का हाथ छुड़ा लिया और तेजी से भागते हुए अस्पताल की सातवीं मंजिल पर पहुंच गया। वहां से उसने नीचे छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है। साथ ही डॉक्टरों की टीम द्वारा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैदी वार्ड में सुरक्षा के बावजूद एक विचाराधीन कैदी का पुलिस निगरानी से निकलकर सातवीं मंजिल तक पहुंच जाना और वहां से छलांग लगा देना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के समय कितने पुलिसकर्मी तैनात थे, किस स्तर पर सुरक्षा में चूक हुई और आत्महत्या के पीछे की मुख्य वजह क्या थी। साथ ही मृतक की मानसिक स्थिति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
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