रांची, 24 अप्रैल । राजधानी रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में तैनात गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर और बांस लगाकर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बाद में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पीके मिश्रा सहित पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम हटवाया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि शहर में आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि अब वे धार्मिक स्थलों तक को निशाना बनाने लगे हैं। संगठन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात एक चोर कथित रूप से जगन्नाथपुर मंदिर परिसर में घुसा और वहां सो रहे सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी। इसके बाद आरोपित ने मंदिर में रखी दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें से 5 लाख रुपये से अधिक नकद लेकर फरार हो गया। इस दौरान मंदिर परिसर में तोड़फोड़ भी की गई।
घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसकी फुटेज पुलिस को मिल चुकी है। शुक्रवार सुबह जब स्थानीय लोग पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने गार्ड का शव देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर जगन्नाथपुर थाना पुलिस और रांची के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में अब तक चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध ने हत्या में शामिल होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा तथा दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।