डीएफएस ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उठाए अहम कदम: वित्त मंत्रालय

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नई दिल्ली, 29 अप्रैल । वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों के प्रबंधन को केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सीधी भर्ती और पदोन्नति दोनों में ‘मानक दिव्यांगता’ वाले व्यक्तियों को आरक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया है।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि इसके अलावा सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को निम्नलिखित सलाह दी गई है, जो इस प्रकार है। मंत्रालय ने कहा कि दिव्यांग कर्मचारी कल्याण संघों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित करना, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके विचारों को सुना जा रहा है और उनकी शिकायतों का समय पर निवारण किया जा रहा है।

मंत्रालय के मुताबिक मुख्य सम्पर्क अधिकारी/सम्पर्क अधिकारी की नियुक्ति करें, ताकि केंद्र सरकार द्वारा आरक्षण नीति (जिसमें दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण भी शामिल हैं) से संबंधित जारी निर्देशों/आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा अपने संबंधित बोर्डों के अनुमोदन से ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ की धारा 21 और 23 के अनुपालन में एक “समान अवसर नीति” अपनाना शामिल है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के लिए एक समावेशी कार्य वातावरण सुनिश्चित करना है, जो भेदभाव रहित हो और उन्हें युक्तिसंगत सुविधा, बाधा रहित पहुंच, निष्पक्ष भर्ती और कैरियर विकास के अवसर प्रदान करे। दिव्यांग कर्मचारियों की शिकायतों/समस्याओं के समाधान के लिए एक “शिकायत निवारण अधिकारी” नियुक्त करना है।