रायगढ़ के भालूपखना के किसानों का 15 दिन में सीमांकन नहीं होने पर एसडीएम को दिया अल्टीमेटम

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रायगढ़ के भालूपखना के किसानों का 15 दिन में सीमांकन नहीं होने पर एसडीएम को दिया अल्टीमेटम

धनवादा पॉवर का कार्य होगा बंद!

रायगढ़ , 21 अप्रैल (हि.स.)।भालूपखना निवासियों ने आज तहसील धर्मजयगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी 15 दिवसों में सीमांकन की न्यायपूर्ण जांच नहीं कराई गई, तो वे धनवादा पॉवर द्वारा चलाए जा रहे समस्त कार्यों को ठप करने को बाध्य होंगे।ज्ञापन में साफ़ तौर पर कहा गया है, कि यदि 15 दिनों के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो किसान स्वयं कंपनी का कार्य पूरी तरह से बंद करवा देंगे। इस स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की अशांति या नुकसान के लिए स्थानीय प्रशासन और धनवादा पॉवर कंपनी जिम्मेदार होंगे।

इस चेतावनी में केवल क्रोध नहीं, वर्षों की उपेक्षा, शोषण और असहायता का संचित दर्द भी झलकता है।किसानों का कहना है कि वे पूर्व में ही सीमांकन के लिए संपूर्ण दस्तावेज-नक्शा, खसरा, चालान की प्रतियाँ-प्रशासन को सौंप चुके हैं। परंतु अभी तक उनके खेतों में न तो कोई अधिकारी पहुँचा, न ही कोई न्याय की आहट सुनाई दी। दूसरी ओर, कंपनी द्वारा निर्माण कार्य निरंतर जारी है।उन ज़मीनों पर भी, जो नहरों, रास्तों और निजी स्वामित्व के अंतर्गत आती हैं।पूर्व में जो मुआवज़ा राशि दी गई थी, वह भूमि अधिग्रहण की वास्तविकता से कहीं कम थी। बिना सहमति, बिना न्याय के कई एकड़ भूमि छीन ली गई और आज उन पर सीमेंट की मोटी परतें चढ़ाई जा रही हैं, जिनके नीचे दब रही है किसानों की मेहनत, पहचान और अधिकार।

भालूपखना के इन किसानों ने अब निर्णय ले लिया है या तो सीमांकन होगा, या फिर निर्माण रुकेगा। अब देखना यह है कि क्या स्थानीय प्रशासन व सत्ता की कुर्सियाँ इन आहटों को सुनने को तैयार हैं, या फिर खेतों की मिट्टी एक बार फिर संघर्ष का रणभूमि बनकर गूंज उठेगी।