बरनाला अस्पताल के पास युवक की लाश: पुलिस का दावा- मानसिक तनाव में थी खुदकुशी! - सरस जनवाद

बरनाला अस्पताल के पास युवक की लाश: पुलिस का दावा- मानसिक तनाव में थी खुदकुशी!

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बरनाला के सरकारी अस्पताल के बाहर आज एक युवक का शव लटका हुआ पाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इस घटना की सूचना फौरन पुलिस को दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को बरामद किया और उसे सरकारी अस्पताल में सुरक्षित रखवा दिया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। यह दिल दहलाने वाली घटना जच्चा-बच्चा की बिल्डिंग के पास घटित हुई।

बात करते हैं घटनास्थल पर मौजूद पार्किंग के कर्मचारी राजीव कुमार की, जिन्होंने बताया कि बीती रात एक युवक अस्पताल आया था, जो मानसिक तनाव में दिखाई दे रहा था। सुरक्षा गार्ड्स ने युवक को अस्पताल premises से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद युवक पार्किंग में बैठकर चाय पीने लगा। किसी को यह नहीं पता था कि वह युवक बाद में ऐसा कठिन कदम उठाएगा। राजीव ने बताया कि युवक के व्यवहार में विचलन साफ नजर आ रहा था, लेकिन किसी ने उसकी अनहोनी की आशंका नहीं की थी।

पुलिस अधिकारी बलविंदर सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह 6 बजे उन्हें इस अप्रिय घटना की सूचना मिली। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो देखा कि युवक का शव अस्पताल की जच्चा बच्चा बिल्डिंग की ग्रिल से लटक रहा था। शव को तुरंत कब्जे में लिया गया और पहचान के प्रयास जारी किए गए। इस मामले में पुलिस ने कई कोणों से जांच का आरंभ कर दिया है।

अभी तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई है, जिससे स्थानीय नागरिकों में चिंता और कोलाहल बढ़ रहा है। मानसिक स्वास्थ्य की समस्या के प्रति समाज में बढ़ती जागरूकता की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह घटना एक गंभीर संकेत है कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का अध्ययन और उनका समाधान करने की आवश्यकता है।

स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने इस घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करने और लोगों में जागरूकता फैलाने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, जिसमें परिवार, मित्र तथा समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की जीवन की क्षति है, बल्कि समाज के लिए एक चुनौती भी है ताकि हम सभी मिलकर एक बेहतर और जागरुक समाज का निर्माण कर सकें।