देहरादून, 15 दिसम्बर (हि.स.)। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखंड ने रणनीति के तहत जनपद हरिद्वार में विगत 05 वर्ष पूर्व घटित एक हत्या के प्रकरण में इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। सोलह दिवस के भीतर 50-50 हजार के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार अपनी तेज तर्रार कार्यशैली के लिये जाने जाते हैं। उनके निर्देश पर पुलिस लगातार अपराधियों पर नकेल कस रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल के निर्देशन में अब तक 54 से अधिक खतरनाक शातिर व इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि एक व्यक्ति की हत्या के प्रकरण में पिछले 05 वर्षो से वांछित कुख्यात इनामी हत्यारे बलबीर सिंह को देर रात हरिद्वार के रानीपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया है। लेबर कॉलोनी रानीपुर हरिद्वार में 10 अगस्त 2018 को वादी की पुत्री के साथ तीन व्यक्तियों द्वारा छेड़छाड़ की घटना की गयी थी। जिसका विरोध उसके भाई हेमन्त की ओर से किया गया तो तीनों अभियुक्तों वीर सिंह, बलवीर एवं विरेन्द्र द्वारा हेमन्त के साथ मारपीट कर उसके सिर पर चोट मारकर हत्या कर मौके से तीनों अपराधी फरार हो गये थे। जिसमें से हरिद्वार पुलिस द्वारा एक अभियुक्त विरेन्द्र को उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया था, परन्तु इस घटना में शामिल अन्य 02 अभियुक्त वीर सिंह व बलबीर सिंह तब से लगातार फरार चल रहे थे। इन दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी पर पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा 50-50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। ये दोनों इनामी हत्यारे एसटीएफ की रडार पर थे, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर पिछले काफी समय से एसटीएफ लगातार प्रयास कर रही थी।
उन्होंने बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स ने 31 नवम्बर को अभियुक्त वीर सिंह को रामजीवाला छकड़ा थाना मण्डावर जनपद बिजनौर से गिरफ्तार किया। इसकी गिरफ्तारी के पश्चात इसी मामले में इनामी अभियुक्त बलबीर को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स को महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने बीती देर रात रानीपुर मोड हरिद्वार स्थित न्यू पंजाब ढाबा पर दबिश मार कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि घटना के बाद से ही वह राजस्थान चला गया था फिर वह दिल्ली व हरियाणा में काफी दिनों तक अपनी पहचान छिपा कर अलग-अलग होटलों में काम करता रहा। कुछ दिन पहले रानीपुर मोड स्थित न्यू पंजाब ढाबे पर काम करने के लिए हरिद्वार आ गया था।