डेंगू,चिकनगुनिया से बचाव की दी जानकारियां

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18HREG413 डेंगू,चिकनगुनिया से बचाव की दी जानकारियां

देहरादून, 18 मार्च (हि.स.)। डेंगू चिकनगुनिया प्रबन्धन विषय पर स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र चन्दनगर में दो दिवसीय कार्यशाला में रोग से बचाव की जानकारियां दी गईं। इस दौरान जनसामान्य को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं होती है।

कार्यशाला में प्रथम दिन जनपद के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्साधिकारियों और दूसरे दिन जनपद के विभिन्न निजी चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्साधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में अखिल आर्युविज्ञान संस्थान ऋषिकेश के प्रोफेसरों की ओर से डेंगू/चिकनगुनिया रोग से बचाव के लिए विस्तार से जानकारी दी गई।

इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि डेंगू/चिकनगुनिया रोग एक बड़ी जनसमस्या बन गई है।

डॉ.संतोष कुमार एडिशनल प्रोफेसर कम्युनिटी एण्ड फेमली मेडिसिन एम्स ऋषिकेश ने सेवन प्लस वन माॅडल के बारे में बताया कि 07 दिनों तक बहुउद्देशीय टीम का गठन किया जाए। जिसमे आशा कार्यकर्ती, एएनएम व स्थनीय लोंगो को रखा जाए। इस टीम के माध्यम से मच्छरों के लार्वाजित क्षेत्रों को नष्ट किया जाए।

एसोसिएट प्रोफेसर इन्टरनल मेडिसिन एम्स ऋषिकेश डॉ.मुकेश ने बताया कि डेंगू शाॅक सिन्ड्रोम या डेंगू हैमरेजिक बुखार का उपचार सावधानीपूर्वक किया जाए, उचित समय पर रेफरल का ध्यान रखा जाए, यदि डेंगू बुखार के तीसरे दिन ब्लड प्रेशर एवं प्लेटलेट्स डाउन हो तो मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती कर त्वरित उपचार की व्यवस्था की जाए।

एसोसिएट प्रोफेसर ब्लड बैंक एम्स ऋषिकेश डॉ.आशीष जैन ने बताया गया डेंगू चिकनगुनिया में रक्त की जांचों का बहुत महत्व है। लैब की मशीनों व तकनीक का उचित होना और एलाईजा जांच की अति आवश्यकता है। साथ ही लैब में कार्यरत स्टाॅफ का प्रशिक्षण होना भी अति आवश्यक है। सभी मरीजों को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नहीं होती है,इसलिए किसी को घबराने की आवश्यकता नही है।