साफ-सफाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : सिसोदिया

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भोपाल, 10 जून (हि.स.)। प्रदेश में चुनावी दंगल के बीच बयानबाजी का दौर भी जोरों से जारी है। प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए अपराधियों के साथ सत्ता के गठजोड़ को जिम्मेदार ठहराया है।

कमलनाथ ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि शिवराज सरकार में मध्यप्रदेश की कानून और शासन व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। छतरपुर में 4 साल की मृत बच्ची के लिए शव वाहन ना मिलने पर परिजनों को कंधे पर शव लेकर जाना पड़ता है। खरगोन में एंबुलेंस न मिलने से गर्भवती महिला को 3 किलोमीटर चारपाई पर रखकर पैदल ले जाना पड़ता है और उसकी मृत्यु हो जाती है। बैरसिया में 12 साल की बच्ची का अमानवीय तरीके से अपहरण किया जाता है और बेरहमी से यातनाएं दी जाती हैं। ये कभी-कभार घटने वाली इक्का-दुक्का घटनायें नहीं हैं, ऐसी घटनाएं प्रदेश में आम बात हो चुकी हैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि शिवराज सरकार में महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार के मामलों में प्रदेश की स्थिति देश में वर्षों से सबसे खराब बनी हुई है। प्रदेश महिला और बाल अत्याचार में हमेशा से उच्च पायदानों पर रहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ध्वस्त कानून-व्यवस्था, बेलगाम अपराधों और प्रशासनिक लापरवाहियों के लिए सिर्फ घटना विशेष पर कार्यवाही करने से प्रदेश के हालात नहीं बदल सकते। जब प्रदेश सरकार का ध्यान अपराधों के नियंत्रण पर ना हो और अपराधियों को समय-समय पर सत्ताधारी दल का समर्थन मिलता रहे तो अपराधियों के भीतर से शासन तंत्र का भय खत्म हो जाता है और अपराध व्यापक तौर पर बढ़ते जाते हैं। शांति का टापू हमारा मध्यप्रदेश आज उसी स्थिति में पहुंच गया है।

कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि शिवराज जी का पूरा ध्यान प्रदेश की जनता को भ्रमित करना, रोज नए इवेंट और उसका झूठा प्रचार-प्रसार करने में ही रहता है। प्रदेश के आम आदमी, माताओं-बहनों और लाड़लियों पर क्या गुजर रही है, इस पर उनका ध्यान वर्षों से नहीं है? मध्यप्रदेश की जनता को आज इवेंट मेनेजमेंट की नहीं, बल्कि पब्लिक सिस्टम मैनेजमेंट की जरूरत है।