मंदसौर: गिनीज बुक में दर्ज होगा पशुपतिनाथ मंदिर का 37 क्विंटल वजनी घंटा, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां

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मंदसौर 9 जून (हि.स.)। विश्व में शिव की एकमात्र अष्टमुखी मूर्ति का दर्जा प्राप्त श्री पशुपतिनाथ महादेव के साथ ही अब मंदसौर को एक और उपलब्धि हासिल होने वाली है। हाल ही में मंदिर परिसर में लगाया गया 3700 किलो का महाघंटा अब गिनीज बुक में भी स्थान पा सकता है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। अगर मंदसौर का यह दावा गिनीज बुक की टीम स्वीकार कर लेती है, तो मंदसौर का नाम भी इस बुक में शामिल हो जाएगा।

श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर एक ऐसे तीर्थ का रूप ले रहा हैं, जहां एक हजार एक शिवलिंग वाली एक ही मूर्ति श्री सहस्रेश्वर महादेव की है तो यहां इसी मंदिर के पास लगे 3700 किलो के महाघंटे को अब जल्द ही पूरे विश्व के लोग जानेंगे। कलेक्टर गौतमसिंह ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के मापदंडों के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर भेजा जा रहा है। इसमें महाघंटे को बनाने के लिए तीन साल तक की गई मेहनत का भी जिक्र होगा, वहीं अपने दावे से संबंधित सारे कागजात भी होंगे। अभी इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। लगभग आठ से दस दिन में सारी जानकारी भेज दी जाएगी। उसके बाद टीम कब आती है, उस पर निर्भर करेगा कि मंदसौर का नाम बुक में दर्ज होगा या नहीं। उल्लेखनीय है कि दतिया में रतनदेवी माता मंदिर में लगे 1600 किलो के महाघंटे के बाद मंदसौर में श्री कामधेनु सामाजिक संस्था ने 2100 किलो के महाघंटे का लक्ष्य तय कर कार्य शुरू किया था पर लोगों द्वारा दिए गए सहयोग से 3700 किलो का महाघंटा स्थाीपित हो गया है।