सरस जनवाद

वीकेंड पर नैनीताल आने वालों के लिए तीन शर्तें

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नैनीताल :- उत्तराखंड हाई कोर्ट के राज्य के पर्यटन स्थलों में सैलानियों के बेतहाशा उमड़ने और कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन न करने पर दिखाई गई सख्ती का असर अब धरातल पर भी दिखेगा। इस संबंध में शासन के 7 जुलाई को जारी आदेश के क्रम में शुक्रवार को नैनीताल जनपद के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने भी इस सप्ताहांत पर नैनीताल मुख्यालय आने वाले सैलानियों के लिए तीन शर्तें लगा दी हैं।

डीएम के आदेश के अनुसार केवल उन्हीं सैलानियों को नैनीताल आने दिया जाएगा, जिन्होंने देहरादून सिटी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण किया होगा। उनके पास 72 घंटे पूर्व की कोविड निगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए। साथ ही उन्हें नैनीताल में होटल की बुकिंग का साक्ष्य उपलब्ध कराना होगा। यह आदेश 12 जुलाई की सुबह 8 बजे तक प्रभावी होंगे। आदेश का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005, उत्तराखंड कोविड-19 महामारी नियम-2020 तथा भारतीय दंड संहिता तथा अन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने किए खास प्रबंध: सप्ताहांत के लिए नैनीताल पुलिस ने भी विशेष प्रबंध किए हैं। एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने वीडियो संदेश में कहा है कि सप्ताहांत पर नैनीताल आने वाले तीनों प्रवेश मार्गों पर वाहनों पर नैनीताल, भवाली, भीमताल एवं मुक्तेश्वर आदि जाने वाले मार्गों के लिए अलग-अलग स्टीकर लगाए जाएंगे तथा इन स्टीकरों के आधार पर ही वाहनों को उनके निर्दिष्ट स्थानों को भेजा जाएगा। रानीबाग से अमृतपुर के संकरे पुल के मार्ग से केवल भीमताल जाने वाले वाहनों को ही भेजा जाएगा। नैनीताल आने वाले वाहनों को नारायणनगर एवं रूसी बाइपास में रोका जाएगा। बिना आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट के आने वाले सैलानियों को वापस लौटा दिया जाएगा।