मजबूत दावेदार के सामने मंडल के एक दर्जन दावेदार हुए मजबूर

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गाजियाबाद। गाजियाबाद में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी के मंडल स्तरीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है जिसके अंतर्गत सभी लोग अपने अपने प्रयास कर रहे हैं लेकिन इस सब के बीच कुछ शातिर लोग साम-दाम-दंड-भेद की नीति अपनाते हुए अपने पास से खेल रहे हैं।

दावेदारों के मुखिया रहे लाइनपार के एक मंडल अध्यक्ष के घर बैठक हुई जिसमेंपार्टी के प्रति एक समर्पित कार्यकर्ता की लोकप्रियता देख घबराये दावेदारों ने पार्टी के खिलाफ सपा कार्यकर्ता को निर्दलीय प्रत्याशी बनाकर नगर निगम का चुनाव लड़वाने वाले 55 वर्षीय व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष का दावेदार बनाया डाला।

उस समय के मंडल अध्यक्ष की जगह मंडल संयोजक बनकर काम करने वाले आलोक श्रीवास्तव ने अपने नेतृत्व का संगठन से लोहा मनवाया। नगर निगम में उपाध्यक्ष सुनील यादव भी श्रीवास्तव के नेतृत्व में जीते थे। आलोक श्रीवास्तव विगत 2 वर्षो से प्रधानमंत्री जी की मन की बात के महानगर-संयोजक हैं और लगभग 1200 से 1500 बूथों पर मन की बात सुनने का कार्यक्रम कराते हैं। प्रति माह इस कार्यक्रम को लगभग 25-30 हजार लोग सुनते हैं। पार्टी ने उनकी ईमानदारी और कर्मठता को देखते हुए 2018 जुलाई में सुशासन तथा केन्द्र-राज्य समन्वय विभाग का महानगर-संयोजक बनाया।

फिलहाल क्षेत्र में मामला दिलचस्प हो चुका है क्योंकि मंडल अध्यक्ष की दावेदारी ऐसे लोग कर रहे हैं जो कल तक किसी और पार्टी का झंडा उठाने में भी गुरेज नहीं कर रहे थे।