सरस जनवाद

मिठाई वाले पर पड़ी ‘प्लास्टिक’ की मार, डेढ़ लाख का लगा जुर्माना

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नॉएडा। शहरों और गांवों में प्रदूषण कम करने के लिए सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंधित होने के बावजूद  इसका इस्तेमाल कई जगह हो रहा है। बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर 50 स्थित मिठाई की एक दुकान पर छापेमारी की जहां सिंगल यूज प्लास्टिक का भारी स्टाक मिला।  प्राधिकरण की टीम ने दुकान पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कि जब सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। 

गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के देश के 60 बड़े शहरों में किए गए सर्वे में सामने आया था कि शहरों से रोजाना 4,059 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। इस आधार पर अनुमान लगाया गया था कि देशभर से रोजाना 25,940 टन प्लास्टिक कचरा निकलता है। 2% से 5% प्लास्टिक कचरा रिसाइकल नहीं हो पाता। इसकी वजह से ही पर्यावरण को नुकसान है। ज्यादातर लोग बचा हुआ खाना प्लास्टिक की थैलियों में भरकर फेंक देते हैं। इससे उन्हें इकट्ठा करना मुश्किल हो जाता है।

इसमें से सिर्फ 60% यानी 15,384 टन प्लास्टिक कचरा ही एकत्रित या रिसाइकल किया जाता है। बाकी नदी-नालों के जरिए समुद्र में चला जाता है या फिर उसे जानवर खा लेते हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त बनाने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन से यह अभियान शुरू हो।

हर साल 1.5 लाख टन से ज्यादा प्लास्टिक कचरा विदेशों से भारत आता है। 2016-17 में 1.55 लाख टन प्लास्टिक कचरा विदेशों से आया था। वहीं, 2017-18 में 1.81 लाख टन और 2018-19 में 2.18 लाख टन प्लास्टिक कचरा आयात हुआ। फिक्की की फरवरी 2017 में आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में हर व्यक्ति सालाना 11 किलोग्राम प्लास्टिक इस्तेमाल करता है। अमेरिका में इससे 10 गुना ज्यादा इस्तेमाल होता है।