सरस जनवाद

मोटर व्हीकल एक्ट : भारी जुर्माने के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के चलते लोग हुए परेशान, नहीं मिले कैब व ऑटो

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साहिबाबाद। नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद से चालान की कीमतों में आयी भारी तेज़ी के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के चलते ट्रांस हिंडन में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के दौरान तोड़फोड़ व हंगामे के डर से सुबह के वक्त ऑटो और कैब नहीं चले जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों एवं स्कूल जाने वाले छात्रों को भरी दिक्कत उठानी पड़ी। हालांकि बंद होने के बावजूद भी इस दौरान ऑटो से सवारियों को उतारकर तोड़फोड़ करने की कुछ शिकायतें सुनने को मिलीं। बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस लाने में परिजनों को परेशान होना पड़ा। बृहस्पतिवार को खुले रहे स्कूलों में बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूल लेकर पहुंचे। बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस लाने में परिजनों को परेशान होना पड़ा। क्योंकि स्कूल बस में तोड़फोड़ और किसी अप्रिय घटना की डर से स्कूल बसों को नहीं निकाला गया।

जहां हड़ताल के चलते सरकारी बसों और मेट्रो में भीड़ रही, वहीँ सुबह दफ्तर जाने के लिए घर से निकले लोगों को ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के चलते वैशाली, मोहन नगर, वसुंधरा, इंदिरापुरम जैसे चौराहों पर भी ऑटो नहीं मिला।  ट्रांसपोर्टरों ने सीमा बार्डर पर ट्रक खड़े कर विरोध किया। शालीमार गार्डन निवासी कैब चालक अजय ने बताया कि डर था कि यदि कैब लेकर निकले तो वाहन में तोड़फोड़ न हो जाए। इसी डर से ऑटो चालक भी सुबह नहीं निकले।

कुछ ऑटो चालकों ने सूचना दी है कि शरारती तत्वों ने उन्हें रोका और यात्रियों को उतारकर ऑटो में तोड़फोड़ भी की। हालाँकि गाजियाबाद के ऑटो यूनियन अध्यक्ष दिलशाद की मानें तो उनसे किसी संगठन ने हड़ताल के लिए संपर्क नहीं किया था। ऐसे आकस्मिक हड़ताल करना ठीक बात नहीं है।