सरस जनवाद

नॉएडा ट्रैफिक पुलिस का कारनामा, गर्भवती को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस का काटा चालान

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नोएडा। नए ट्रैफिक नियम आने के बाद कभी चालान तो कभी जुर्माना को लेकर तमाम खबरें सामने आ रही है। इस बीच दिल्ली से सटे नोएडा में मरीज को लेने जा रही एंबुलेंस तक का चालान कट गया है।  ट्रैफिक पुलिस ने मरीज को लेने जा रही 102 एंबुलेंस का 500 रुपये चालान कर दिया। चार महीने बाद एंबुलेंस की फिटनेस जांच के दौरान इसकी जानकारी हुई। पांच सालों में एंबुलेंस के चालान का यह पहला मामला है। गलत यूटर्न लेने पर यह चालान ट्रैफिक पुलिस ने छह फरवरी को किया था।

दरअसल मरीज लेकर जा रहे एंबुलेंस के लिए कोई चालान का नियम नहीं है। लेकिन मामला फरवरी का है जब बिसरख स्थित स्वास्थ्य केंद्र से 102 एंबुलेंस एक गर्भवती महिला को अस्पताल लेकर जा रही थी। लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट एक चौराहे पर गलत यूटर्न लेने पर यातायात पुलिस ने रोक दिया। हालाकि पूछताछ के बाद उसे जाने दिया। लेकिन कुछ दिन पहले एंबुलेंस की फिटनस व अन्य तकनीकी जांच में पता चला कि उस पर 500 रुपये का चालान आया है।

चार महीने बाद एंबुलेंस की फिटनेस जांच के दौरान इसकी जानकारी हुई। हैरानी तो इस बात कि नए व्हीकल एक्ट में एंबुलेंस को जगह नहीं देने पर भारी-भरकम चालान का प्रावधान है। गनीमत है कि यह नियम लागू होने से पहले का है, इसलिए चालान की रकम महज 500 रुपये है, वरना यह 10000 रुपये का चालान होता। इसके बाद से सभी हैरत में है कि एंबुलेंस का चालान कैसे कर दिया गया। क्योंकि नियमानुसार अगर एंबुलेंस ड्यूटी पर है तो उस पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन का मामला नहीं बनता, क्योंकि ऐसी स्थिति में एंबुलेंस को जल्द से जल्द अस्पताल तक पहुंचाने में मदद की जाती है। चालान के खिलाफ संबंधित एजेंसी जांच करवा सकती है। जांच के बाद चालान रद्द किया जा सकता है। 

वहीं इस चालान को देख सरकारी एंबुलेंस के कार्यक्रम अधिकारी मोहम्मद अरशद ने कहा कि पहली बार एंबुलेंस का चालान होते देखा है। क्योंकि नियमानुसार अगर एंबुलेंस ड्यूटी पर है तो उस पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन का मामला नहीं बनता। ऐसी स्थिति में एंबुलेंस को जल्द से जल्द अस्पताल तक पहुंचाने में मदद की जाती है।  जांच के बाद चालान रद किया जा सकता है। चालान काटने से चालक भी हैरत में है।

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