गणतन्त्र दिवस पर काञ्ची कामकोटि पीठ शिविर में वैदिक मन्त्रों के साथ हुआ ध्वजारोहण

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गणतन्त्र दिवस पर काञ्ची कामकोटि पीठ शिविर में वैदिक मन्त्रों के साथ हुआ ध्वजारोहण

महाकुम्भ नगर, 26 जनवरी (हि.स.)। काञ्ची कामकोटि पीठाधिपति शंकराचार्य श्री शंकर विजयेन्द्र सरस्वती जी महाराज के महाकुम्भ में स्थित शिविर में गणतन्त्र दिवस पर चारों वेदों के दिव्य मन्त्रों के साथ ध्वजारोहण किया गया।

समारोह में सर्वप्रथम राष्ट्रहित के लिए ऋग्वेद के समान सूक्त के मन्त्रों का आह्वान किया गया। तत्पश्चात् शुक्ल यजुर्वेद, कृष्ण यजुर्वेद, सामवेद तथा अथर्ववेद के मन्त्रों द्वारा विशेष स्तुति की गई। इसके साथ ही वैदिक आचार्यों द्वारा वैदिक राष्ट्र सूक्त द्वारा राष्ट्र की उन्नति एवं कल्याण की प्रार्थना की गई तथा वैदिक स्वस्ति मन्त्र, शान्ति मन्त्रों एवं अन्य वैदिक सूक्तों के द्वारा राष्ट्र में सुख, शान्ति एवं समृद्धि की प्राप्ति के लिए देव शक्तियों की स्तुति की गई।

शिविर के संयोजक मणि ने बताया कि भारत राष्ट्र में धर्म के साथ विकास सतत् चलता रहे। राष्ट्र के समस्त नागरिकों को आरोग्य, आनन्द की प्राप्ति हो, राष्ट्र में धन-धान्य एवं पशुओं की वृद्धि निरन्तर होती रहे। इसलिए वैदिक ऋचाओं द्वारा विशिष्ट देवशक्तियों की स्तुति की गई तथा जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी उक्ति का संदेश सभी राष्ट्रवासियों के भीतर प्रस्फुटित हो इसके लिए भी प्रार्थना की गई।

गणतन्त्र दिवस के अवसर वैदिक आचार्य, वेद विद्यार्थियों के द्वारा मन्त्रों के द्वारा जो राष्ट्र की सेवा की गई उससे समारोह में उपस्थित सभी राष्ट्र के नागरिकों के लिए यह अद्भुत क्षण था, जिससे सभी को विशेष प्रसन्नता प्राप्त हुई।