जगराओं नगर बैठक में बवाल: जमीन कब्जे पर गरमाया विवाद, पार्षद ने रिपोर्ट की पोल खोली!

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जगराओं नगर कौंसिल की बैठक में हाल ही में हंगामा खड़ा हो गया, जिसका मुख्य कारण सब्जी मंडी रोड पर अवैध कब्जों का मुद्दा बना। पार्षदों के बीच हुई बहस में वार्ड नंबर 18 के पार्षद रविंदरपाल राजू ने अधिकारियों की एक रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें नगर कौंसिल के पास उपलब्ध भूमि पर चारदीवारी करने और कब्जा लेने का निर्देश दिया गया था। बैठक के आरंभ होते ही अवैध कब्जों पर चर्चा तेज हो गई। पार्षद हिमांशु मलिक ने शहर भर में फैले अवैध कब्जों के खिलाफ आवाज उठाई और सभी कब्जों को हटाने की मांग की।

इस बीच, पार्षद रविंदरपाल राजू ने सब्जी मंडी रोड पर मौजूद छप्पड़ वाले स्थान पर चर्चा करते हुए बताया कि डिप्टी डायरेक्टर द्वारा गठित एक टीम ने कुछ समय पहले इस भूमि की जांच की थी। उस समय, टीम ने यह सुझाव दिया था कि कौंसिल को उस स्थान पर चारदीवारी करनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारियों ने इसे अपने कब्जे में लेने से परहेज़ किया। अब यही स्थान विवाद का कारण बना हुआ है। पार्षद राजू ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह कौंसिल के कर्मियों के साथ खड़े हैं और इस भूमि को कालोनाइजरों के हाथों में जाने नहीं देंगे।

इसके अलावा, नगर कौंसिल ने इस बात का भी खुलासा किया कि उनके पास कूड़ा फेंकने के लिए कोई जगह नहीं थी। इसी कारण, कौंसिल ने सब्जी मंडी रोड पर स्थित छप्पड़ को अपना मानते हुए वहां कूड़ा फेंकने का कार्य शुरू कर दिया। इस छप्पड़ के आसपास कुछ दुकानें भी स्थित हैं, जिन्हें कौंसिल अवैध मान रही है। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने इस भूमि को अपनी बताकर रजिस्ट्रियों का हवाला दिया, यह कहते हुए कि कौंसिल का यहां कोई अधिकार नहीं है। इस पर कौंसिल ने अपनी वैधता का दावा करते हुए कूड़े की सफाई प्रारंभ कर दी, जिससे दुकानदारों और कौंसिल के कर्मियों के बीच तनाव बढ़ गया।

इस दौरान एक व्यक्ति ने सफाई कर्मियों के प्रति जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, जिससे विवाद और भड़क गया। सफाई कर्मियों ने कूड़े की समस्या का समाधान न होने तक धरना देने का निर्णय लिया। इस पूरे मामले पर कौंसिल प्रधान जतिंदरपाल राना ने जानकारी दी कि दुकानों की रजिस्ट्रियों की भी गहन जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के समय दो रजिस्ट्रियां देखी जाती हैं, फिर जाकर रजिस्ट्री की जाती है। लेकिन सब्जी मंडी और झांसी रानी चौक वाली दुकानों की रजिस्ट्री किस प्रकार हुई, यह जांच का विषय है। इसके लिए उन्होंने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की है।

इस प्रकार, जगराओं की नगर कौंसिल की बैठक ने स्पष्ट किया है कि अवैध कब्जों और भूमि के मालिकाना हक के मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ता ही जा रहा है। नगर कौंसिल के अधिकारी और पार्षद अब इसे सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विवाद के समाधान के लिए एक ठोस कदम उठाना आवश्यक है।