पंजाब उपचुनाव: गिद्दड़बाहा में उम्मीदवारों की बाढ़, बरनाला और चब्बेवाल भी पीछे नहीं!

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पंजाब में आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई। ये उपचुनाव राज्य की चार विधानसभा सीटों – डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल, गिद्दड़बाहा और बरनाला – पर 13 नवंबर को होने वाले हैं। इस नामांकन प्रक्रिया के दौरान, 7 दिनों में कुल 60 उम्मीदवारों ने 67 एफिडेविट दाखिल किए। नामांकन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर है और इसके बाद दस्तावेजों की जांच 28 अक्टूबर को की जाएगी। उम्मीदवारों को अपने नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन चार सीटों पर मतदाता संख्या कुल 6,96,316 है, और मतदान के लिए 831 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।

गिद्दड़बाहा सीट इस बार विशेष रूप से चर्चित रही है, जहां सबसे अधिक 20 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन भरे हैं। इसमें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की पत्नी अमृता वडिंग, भाजपा के मनप्रीत बादल, और आम आदमी पार्टी के डिंपी ढिल्लों शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व अकाली और कांग्रेसी जगमीत बराड़ भी स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में हैं। इस कारण से गिद्दड़बाहा सीट को उप्रचुनावों में वीआईपी के रूप में पहचाना जा रहा है। वहीं, बरनाला में 18 और डेरा बाबा नानक में 14 उम्मीदवार हैं। चब्बेवाल सीट पर सबसे कम आठ उम्मीदवार ही मैदान में आए हैं।

विभिन्न सीटों के लिए नामांकित उम्मीदवारों की सूची भी तैयार की गई है। डेरा बाबा नानक सीट से कांग्रेस की ओर से जतिंदर कौर, भाजपा से रवि करण सिंह काहलों और आम आदमी पार्टी से गुरपीप सिंह चुनावी मैदान में हैं। इसके अतिरिक्त, अकाली दल (अमृतसर) के पाला सिंह संधू समेत कई स्वतंत्र उम्मीदवार भी शामिल हैं। चब्बेवाल से कांग्रेस के रणजीत कुमार, भाजपा के सोहन सिंह और AAP के इशांक कुमार ने नामांकन भरा है।

गिद्दड़बाहा सीट पर अमृता वडिंग, मनप्रीत बादल, और हरदीप सिंह के साथ-साथ कई अन्य उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। संगरूर से कांग्रेस के कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, भाजपा के केवल सिंह ढिल्लों, और आम आदमी पार्टी के हरिंदर सिंह धालीवाल भी चुनावी लड़ाई में शामिल हैं। अन्य नामांकन में पप्पू कुमार, सरदूल सिंह, सुखचैन सिंह जैसे कई नाम शामिल हैं, जो कि इस चुनावी प्रक्रिया को और भी रोमांचक बना रहे हैं।

उपचुनावों की इस राजनीतिक माहौल में सभी पार्टियां अपनी ताकतवर रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में हैं। अब देखना यह होगा कि ये चुनाव किसके पक्ष में परिणाम लाते हैं और कौन सी पार्टी को विजय मिलती है। चुनाव परिणाम न केवल इन विधानसभा सीटों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह पंजाब की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकते हैं।