दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं NCP के नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर लॉरेंस के सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी, जो लुधियाना का निवासी है, सुजीत कुमार उर्फ बब्बू के नाम से जाना जाता है। मुंबई पुलिस और दिल्ली स्पेशल सेल की जानकारी पर लुधियाना के SP-D अमनदीप सिंह बराड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया था। यह विशेष टीम काउंटर इंटेलिजेंस के इंस्पेक्टर विक्रम, कैलाश, ASI रघुबीर सिंह और CIA-2 के इंस्पेक्टर राजेश शर्मा द्वारा बनाई गई थी। इस टीम को सूचना मिली थी कि सुजीत सुंदर नगर भामियां में छिपा हुआ है। वह वर्तमान में मुंबई में निवास कर रहा है, लेकिन लुधियाना में अपनी ससुराल में आया हुआ था। सुजीत पर आरोप है कि उसने नितिन के खाते में पैसे डलवाने में मदद की थी, जो पहले बाबा सिद्दीकी की रेकी कर चुका था।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में एक और प्रमुख आरोपी लॉरेंस का भाई अनमोल है, जिस पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने 10 लाख रुपए का इनाम रखा है। यह मामला तब भी चर्चा में आया जब मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया कि हत्याकांड से पहले तीन संदिग्ध शूटरों ने अनमोल से स्नैपचैट के जरिए बातें की थीं। अनमोल के पास इस दौरान अमेरिकी और कनाडाई संपर्क भी थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर और जानकारी मिली है।
हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी राम कनौजिया ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि उसे पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था और इसके लिए उसने एक करोड़ रुपए की मांग की थी। पुलिस ने बताया कि एक अन्य आरोपी के फोन में बाबा सिद्दीकी के बेटे ज़ीशान सिद्दीकी की तस्वीर पाई गई थी, जिसे स्नैपचैट पर उनके हैंडलर द्वारा भेजा गया था।
अब तक मुंबई पुलिस ने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से संबंधित दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हाल ही में नवी मुंबई से भगवंत सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसे एक अन्य आरोपी के साथ हथियार लेकर उदयपुर से मुंबई आते समय पकड़ा गया था। भगवंत सिंह हत्याकांड के शूटरों और साजिशकर्ताओं के संपर्क में था। क्राइम ब्रांच की 15 टीमें विभिन्न पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही हैं। 19 अक्टूबर को पुलिस ने पांच और आरोपियों को डोंबिवली और पनवेल से गिरफ्तार किया। ये सभी अपराधी मुख्य साजिशकर्ता शुभम लोनकर और मास्टरमाइंड मोहम्मद जीशान अख्तर के संपर्क में थे, जो अभी फरार हैं। अदालत ने इन सभी को 25 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया है।
इस प्रकार, बाबा सिद्दीकी का हत्याकांड एक जटिल मामला बनता जा रहा है, जिसमें पुलिस कई सुराग जुटा रही है और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही है।