लुधियाना में हाल ही में पहुंचे डीजीपी गौरव यादव ने स्थानीय उद्योगपतियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में अपराध पर नियंत्रण पाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फीडबैक एकत्रित करना था। प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह बेहद जरूरी है कि उद्योगपति और पुलिस के बीच एक संवाद स्थापित हो, जिससे व्यापक स्तर पर सुरक्षा उपायों को लागू किया जा सके। इस दौरान, डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को खास निर्देश दिए कि वे अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करें।
डीजीपी गौरव यादव ने बैठक में यह भी खुलासा किया कि राज्य में जल्द ही 10,000 नई पुलिस भर्तियां की जाएंगी। यह कदम पंजाब पुलिस की क्षमता को और बढ़ाने का कार्य करेगा, जिससे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। यादव ने कहा कि लुधियाना में 14 नई पीसीआर (प्राथमिक क्राइम रिस्पॉन्स) गाड़ियां भी रवाना की गई हैं। ये गाड़ियां आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी पहुंचेंगी, जिससे पुलिस की तात्कालिक प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब पुलिस नशा और अपराध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए तत्पर है। पिछले दो वर्षों में पुलिस ने 100 से अधिक गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यादव ने सख्ती से कहा कि किसी भी व्यक्ति को सिर उठाने की इजाजत नहीं दी जाएगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।
डीजीपी ने यह भी बताया कि पुलिस अब सीधे लोगों के पास जाकर उनसे फीडबैक लेगी। यह कदम पुलिस और जनता के बीच एक मजबूत विश्वास स्थापित करने के लिए उठाया गया है, ताकि सामाजिक सुरक्षा को और बढ़ावा दिया जा सके। आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने और नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
इस प्रकार, डीजीपी गौरव यादव की पहल न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को महत्वपूर्ण दिशा में ले जाएगी, बल्कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगी। उनकी योजना से यह स्पष्ट है कि पंजाब पुलिस सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरने के लिए लगातार प्रयासरत रहेगी।