लुधियाना पुलिस ने सोमवार को शहादत दिवस का आयोजन किया, जहां पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदानों को याद किया। इस अवसर पर, उन्होंने शहीदों के परिवारों की समस्याओं को भी सुना और उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिले के डिप्टी कमिश्नर जतिंदर जोरवाल भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल ने अपने संबोधन में कहा कि हमें देश विरोधी ताकतों का सामना करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने शहीद पुलिस कर्मियों के बलिदानों के कारण ही आजादी का अनुभव कर पा रहे हैं। चहल ने याद दिलाया कि लुधियाना में हुए आतंकी हमलों के दौरान 117 पुलिस सदस्य शहीद हुए थे। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में मिली जीत के उपलक्ष्य में यह दिन हर साल शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस समारोह में जिला सेशन जज हरप्रीत कौर रंधावा ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस कमिश्नर चहल ने शहीद परिवारों को आश्वासन दिया कि वे हर सुख-दुख में उनके साथ हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हैं। कार्यक्रम के अंत में, शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारों का सम्मान भी किया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में शहीदों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को प्रकट करना था। यह कार्यक्रम न केवल शहीदों की याद दिलाने वाला था, बल्कि समाज के लिए एक सशक्त संदेश देने वाला भी था कि हमें अपने सुरक्षा बलों के प्रति आदर और सम्मान बनाए रखना चाहिए। कुल मिलाकर, यह दिन शहीदों की शहादत को मनाते हुए उनके परिवारों के साथ एकजुटता बनाता है, जिससे समाज में एकजुटता और साहस का भाव उत्पन्न होता है।
इस प्रकार, लुधियाना पुलिस द्वारा मनाया गया शहादत दिवस न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का एक अवसर था, बल्कि यह उन बहादुर लोगों की याद को भी ताजा करने का एक माध्यम था जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान देश की रक्षा के लिए किया।community effort within society to honor the fallen heroes and support their families during challenging times.