खतरनाक धमकी के बीच जालंधर का कुल्हड़-पिज्जा कपल दरबार साहिब में सुरक्षा की गुहार!

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पंजाब के जालंधर शहर में कुल्हड़ पिज्जा के मालिक कपल के खिलाफ निहंग सिखों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने के बाद अब कपल ने एक बयान जारी किया है। कपल ने कहा कि वे अपने परिवार के साथ श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) जाकर अपने मामले की जानकारी देंगे और वहां यह पूछेंगे कि वे पगड़ी पहन सकते हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वे सच में गलत हैं, तो उन्हें उचित दंड का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस वीडियो में कपल के अलावा उनकी पत्नी गुरप्रीत भी शामिल थीं, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।

सहज ने वीडियो में कहा कि उनके और उनके परिवार के साथ जो भी अन्याय हो रहा है, उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि उन्हें न्याय मिलेगा क्योंकि समाज में सही और गलत की पहचाना करने वाली संस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से अपील की है कि उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उनके रेस्टोरेंट को भी सुरक्षित रखा जाए।

कुछ दिन पहले जालंधर के कुल्हड़ पिज्जा पर निहंगों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कपल द्वारा बनाई गई एक अश्लील वीडियो बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। निहंगों ने मांग की कि कपल इस वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से हटा दे। नहीं तो उन्हें पुलिस को बुलाकर अपनी पगड़ी वापस देने की स्थिति में आने की चेतावनी दी गई थी। यदि वीडियो नहीं हटाई गई तो निहंगों ने सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया था।

उनका कहना था कि वे जेल जाने से नहीं डरते और इस मामले को लेकर अपने विरोध को जारी रखेंगे। स्थानीय पुलिस के डिवीजन नंबर 4 के प्रभारी ने मामले को शांत करने में कुछ भूमिका निभाई थी। लेकिन जाते-जाते निहंगों ने चेतावनी दी कि यदि उनका मांग नहीं मानी गई, तो वे खुद कार्रवाई करेंगे। इसके बाद, मान सिंह बाबा नामक एक निहंग ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अगले दिन सुबह 11:30 बजे पुनः कुल्हड़ पिज्जा के बाहर पहुंचेंगे और कपल से बैठकर चर्चा करने को तैयार हैं।

मान सिंह ने कहा कि कपल की भलाई इसी में है कि वे इस मामले को ज्यादा न बढ़ाएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वे पिछले मामलों के संदर्भ में उन्हें छोटे भाई की तरह समझाने का प्रयास करेंगे, लेकिन यह संदेश साफ था कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो परिस्थिति और भी गंभीर हो सकती है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस विवाद पर हैं कि कब और कैसे यह मामला अपने अंतिम मुकाम तक पहुंचेगा।