28HREG126 कर्म ऐसे करो जो सदैव चमकते रहें : स्वामी चिदानन्द
ऋषिकेश, 28 अक्टूबर (हि.स.)। गुजरात से आये प्रसिद्ध हीरा व्यापारी काका गोविंद भाई और हजारों साधकों ने पांच दिवसीय साधना और सत्संग में सहभाग किया। सभी साधकों ने परमार्थ निकेतन में होने वाले विश्व शांति हवन, गंगा आरती, सत्संग और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों का लाभ लिया।
गुजरात के हीरा व्यापारी काका गोविंद भाई और अन्य सदस्यों ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट कर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षा रोपण एवं सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने हेतु विचार-विमर्श किया। स्वामी ने कहा कि इस परिवार ने अपने डायमंड व्यापार से पूरे विश्व में भारत का नाम प्रतिष्ठित किया है। उन्होंने कहा कि चमको डायमंड की तरह, परन्तु कर्म ऐसे करो कि वे सदैव चमकते रहें। क्योंकि कर्म ही हमारे साथ जाते हैंं। बाकी सब यही पर रह जाता है।
स्वामी चिदानन्द ने कहा कि गोविंद काका ने अपने पूरे परिवार और सगे-संबंधियों को साथ रखकर बंधुत्व का संदेश दिया है। इस पूरे परिवार से निरंतर संस्कारों की गंगा प्रवाहित होते रहती है। ऐसे ही दूसरे सभी परिवारों में भी संस्कारों की गंगा बहती रहे। उन्होंने कहा कि डायमंड यही पर रह जाते हैं, परन्तु जो हमारे श्रेष्ठ कर्म, संस्कार और नैतिक मूल्य हैं, वे हमारे साथ जाते हैं।
काका गोविंद भाई ने कहा कि परमार्थ निकेतन की आरती अनेक स्वरूपों में महत्वपूर्ण है। यह आरती भारतीय संस्कृति का साक्षात स्वरूप है। यहां पर विश्व के लगभग सभी देशों के साधक आकर साधना करते हैं। प्रतिवर्ष हम गुजरात से हजारों साधकों को दीपावली का पर्व मनाने हेतु परमार्थ निकेतन लाते हैं और यहां से एक अद्भुत ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर लौटते हैं।