तेलंगाना से दिल्ली तक कृष्णा राजू कर रहे हैं साईकिल यात्रा

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महिलाओं-बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कानून में हो बदलाव की मांग पत्र सौंपेंगे राष्ट्रपति को

तेलंगाना से 1600 किलोमीटर यात्रा तय कर मथुरा पहुंचा कृष्णा राजू

जन जागरूकता के लिए कृष्णा राजू तेलंगाना से 26 दिन पूर्व की थी साईकिल यात्रा शुरू

मथुरा, 03 अप्रैल (हि.स.)। हैदराबाद तेलंगाना से 26 दिन पूर्व साईकिल यात्रा पर निकले कृष्णा राजू का मथुरा में समाजसेवियों द्वारा स्वागत किया गया। उसके उपरांत वह रविवार दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

उन्होंने बताया महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कानून में बदलाव और जन जागरूकता के लिए साइकिल यात्रा निकाली है, अब तक 1600 के करीब किलोमीटर साईकिल चला चुका हूं और 150 किलोमीटर दिल्ली दूर है। दिल्ली पहुंचकर वह अपनी मांगे राष्ट्रपति को सौंपेंगे तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दिल्ली मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करेंगे।

गौरतलब हो कि, करीब 1600 किमी लंबी यात्रा तेलंगाना के नलगोंडा जिले से शुरू की गई है। समाजसेवी सारी कोटेश्वर कृष्णा राजू महिला दिवस पर 8 मार्च को तेलंगाना के नलगोंडा जिले से साईकिल यात्रा लेकर निकले। राजू 5 अप्रैल को अपनी यात्रा दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पर खत्म करेंगे। शनिवार रात मथुरा के गोवर्धन चौराहा पहुंचने और रात होने पर उन्होंने साई धाम स्वामी से रात गुजारने की गुजारिश की। कृष्णा राजू महिलाओं,बच्चो के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जन जागरूकता और इन मामलों में होने वाली सजाओं के कानून में बदलाव की हिमायत कर रहे है। वे अपनी मांगों का मांग पत्र दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रपति को सौपेंगे।

रविवार सुबह दिल्ली रवाना होने पर उन्होंने बताया 26 दिन की साइकिल यात्रा कर मथुरा पहुंचे थे। वह दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रपति के साथ साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात करेंगे। राजू को अभी डेढ़ सौ किलोमीटर की और यात्रा तय करनी है। जिसके बाद वह 5 अप्रैल को दिल्ली पहुंचेंगे।

राजू की मांग है कि हर राज्य में फॉरेंसिक जांचों के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित की जानी चाहिए। राज्यों में पूर्ण शराबबंदी लागू हो, पोर्न वेबसाइटों को बंद किया जाए, महिला बच्चो से संबंधित अपराधों के आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द हो, फ़ास्ट ट्रैक अदालतों में फॉरेंसिक रिपोर्ट जल्द पहुंचे,छोटे बच्चों से होने वाले यौन शोषण के मामले में आरोपियों के एनकाउंटर को वैध दर्जा दिया जाए।