उनके त्याग और सेवाभाव के प्रति हर नागरिक के मन में सम्मान होना चाहिए।
कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सैनिक अपने अनुशासन, अनुभव और देशभक्ति से समाज
को दिशा देते हैं। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और सामाजिक जिम्मेदारियों
के निर्वहन के लिए आगे आना चाहिए। पूर्व सैनिकों का अनुभव सज की महत्वपूर्ण धरोहर है।
शर्मा ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने
वाले जवानों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीदों
के परिजनों का सम्मान करने के साथ उनके सुख-दुख में सहभागी बनना भी समाज का दायित्व
है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए,
