भोपाल, 08 अक्टूबर । मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को भोपाल स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता कर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और इससे संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
सिंघार ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए। उनका कहना था कि यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी तरह की शिकायत या आशंका है, तो उसे दूर करने के लिए आयोग को पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। सिंघार ने आरोप लगाया कि कई मामलों में संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।
ईवीएम को लेकर भी उमंग सिंघार ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा पर लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोप गलत हैं तो चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे संदेहों को दूर करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे चुनावी मुद्दों का समर्थन करते हुए कहा कि यह लड़ाई मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ी है। सिंघार ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और कांग्रेस इन मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
मुख्यमंत्री को लेकर दिए गए बयान में सिंघार ने सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का गठन जनादेश से होता है और जनता के मत का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका से जुड़े सवालों को आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने निर्वाचन आयोग और सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
