गोरखपुर, 22 सितंबर । उत्तर प्रदेश के जनपद गोरखपुर में वर्ष 2019 में थाना पिपराइच क्षेत्र में दर्ज हत्या के मामले में न्यायालय ने आठ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। थाना पिपराइच से संबंधित हत्या के इस मामले में भी अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से साक्ष्य और तथ्यों को प्रस्तुत किया।
मामला मु0अ0सं0-551/2019 से संबंधित है, जिसमें धारा 148, 302/149, 504 एवं 506 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने सभी आठ अभियुक्तों को अपराध का दोषी पाया।
दोषसिद्ध अभियुक्तों में रामप्रित पुत्र रामलगन, अमेरिका पुत्र झिन्नू, आसमान पुत्र झिन्नू, प्रसाद उर्फ रामप्रसाद पुत्र स्व. लगन, जितेन्द्र पुत्र रामपृत, अवधेश पुत्र अमेरिका, मुंजेश पुत्र आसमान तथा उमाशंकर पुत्र रामदुलारे शामिल हैं। सभी अभियुक्त महरी, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर के निवासी बताए गए हैं।
न्यायालय ने मामले में सभी आठ दोषियों को आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। लंबे समय से चल रहे इस मामले में न्यायालय के फैसले के बाद अभियोजन की प्रभावी पैरवी से दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली है।
पुलिस के मुताबिक, दोषसिद्धि में डीजीसी श्री प्रियानन्द सिंह तथा एडीजीसी श्री जयनाथ यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं थाना पिपराइच के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार निगरानी करते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई। पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर अपराधों में अभियुक्तों को न्यायालय से दंडित कराने के लिए अभियोजन और पुलिस स्तर से प्रभावी पैरवी एवं मॉनिटरिंग का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।