जयपुर, 25 अगस्त । मंदिर श्री रामचंद्र जी में मंगलवार को झूला एवं नौका विहार उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई। भगवान श्रीराम और माता सीता के विग्रहों को पारंपरिक राजसी स्वरूप में विराजमान कराया गया।
उत्सव का मुख्य आकर्षण करीब 20 फुट ऊंचे और 15 फुट चौड़े, लगभग 150 वर्ष पुराने चांदी के झूले रहे। झूले को गुलाब और मोगरे के पुष्पों से सजाकर सियाराम जी को विराजमान कराया गया। झूले पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों और चित्रों को उकेरा गया है। इसकी कलात्मक नक्काशी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।
इस दौरान ठाकुर जी को कुर्सी की सवारी कराई गई, जबकि माता सीता को हाथी पर विराजमान कराया गया। नौका विहार उत्सव के लिए नाव को भी गुलाब और मोगरे के फूलों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के झूला एवं नौका विहार के दर्शन किए और मंगलकामना की।
मंदिर भक्त समाज की ओर से इस अवसर पर बधाई उत्सव का आयोजन भी किया गया। मंदिर परिसर में भक्ति, उल्लास और पारंपरिक धार्मिक वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भगवान से सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।