हिंदी भाषा एवं साहित्य के संवर्धन तथा महान साहित्यकारों की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को गोड्डा रेलवे स्टेशन पर प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं जनकवि बाबा नागार्जुन की जयंती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्टेशन प्रबंधक ज्योति सोरेन ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेलकर्मियों एवं साहित्य प्रेमियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के प्रारंभ में वरिष्ठ अनुवादक विद्यासागर राम ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इसके उपरांत बाबा नागार्जुन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
अध्यक्ष ज्योति सोरेन ने आमंत्रित साहित्यकारों एवं वक्ताओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रोफेसर ओम प्रकाश मंडल, प्रख्यात साहित्यकार विनय सौरभ, अर्पणा कुमारी, विनिता प्रियदर्शिनी, मधुबाला शांडिल्य, शैलेन्द्र व्यास, इंद्राणी (बड़हरवा) तथा विनय कुमार झा ‘विमल’ (पटना) ने बाबा नागार्जुन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने उन्हें हिंदी साहित्य का अद्वितीय साहित्यकार, विद्रोही जनकवि तथा जनसरोकारों के सशक्त स्वर के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई दिशा प्रदान की तथा सामाजिक चेतना को सुदृढ़ आधार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में बाबा नागार्जुन की रचनाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक एवं प्रेरणास्पद हैं। कार्यक्रम के दौरान कवियों द्वारा बाबा नागार्जुन की चुनिंदा रचनाओं का प्रभावपूर्ण काव्य-पाठ भी प्रस्तुत किया गया।