नर्सिंग कॉलेज में कथित फर्जी जीएसटी वसूली मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई, सीएमएचओ कार्यालय से दस्तावेज जब्त

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मंदसौर, 19 मई । मध्‍य प्रदेश के मंदसौर जिले के शासकीय नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के स्टायफंड और मेस भुगतान में कथित अनियमितताओं के मामले ने तूल पकड़ लिया है। फर्जी जीएसटी वसूली, बिना टेंडर ठेका देने और छात्राओं के खातों से सीधे राशि ट्रांसफर किए जाने की शिकायतों के बाद लोकायुक्त संगठन उज्जैन की टीम ने मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय में जांच कार्रवाई की।

लोकायुक्त टीम ने करीब चार घंटे तक दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान मेस भुगतान, स्टायफंड और बैंक ट्रांजैक्शन से संबंधित कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जब्त किए गए। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति रही।

जानकारी के अनुसार मामले की शिकायत जनवरी 2026 में विधायक प्रतिनिधि मनोहर नाहटा द्वारा लोकायुक्त उज्जैन में की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शासकीय नर्सिंग कॉलेज की 57 छात्राओं के स्टायफंड से जुड़ी राशि में अनियमितता की गई।

आरोप है कि छात्राओं के मेस का मासिक खर्च 2200 रुपये निर्धारित होने के बावजूद इसे बढ़ाकर 4400 रुपये कर दिया गया। शिकायत के मुताबिक भोजन पर 100 प्रतिशत जीएसटी लगाने का हवाला दिया गया, जबकि ऐसी कोई कर व्यवस्था लागू नहीं है। मामले में स्काईबुल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक ठेकेदार कंपनी का भी उल्लेख किया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) नियमों का उल्लंघन करते हुए छात्राओं के खातों में राशि भेजने के बजाय करीब 8.06 लाख रुपये सीधे ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि वास्तविक बिल लगभग 3.76 लाख रुपये का बताया गया। इस आधार पर अतिरिक्त राशि वसूली और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं।

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार जब्त दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में तत्कालीन सीएमएचओ और संबंधित अकाउंट शाखा से भी पूछताछ की गई है।