नई दिल्ली, 15 अप्रैल । तीस हजारी कोर्ट की चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक के आरोपित सरबजीत सिंह को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बुधवार को सरबजीत सिंह की पुलिस हिरासत खत्म हो रही थी, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट ने सरबजीत को 7 अप्रैल को आज तक की पुलिस हिरासत में भेजा था। आज सुनवाई के दौरान सरबजीत की ओर से पेश वकील ने हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। तब कोर्ट ने कहा कि सरबजीत को इहबास मानसिक अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती भी कराया गया था।
इसके पहले 7 अप्रैल को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सरबजीत को कोर्ट में पेश कर हिरासत की मांग करते हुए कहा था कि उससे पूछताछ करनी है कि इस साजिश के पीछे किस व्यक्ति का हाथ था। पुलिस ये जानना चाहती है कि क्या इस साजिश में दूसरा कोई भी जुड़ा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि वो आरोपित का मोबाइल फोन तलाश रही है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक सरबजीत को पंजाब और उत्तर प्रदेश ले जाना है, ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके, जिसके जरिये वो विधानसभा परिसर के अंदर घुसा।
सुनवाई के दौरान सरबजीत की ओर से पेश वकील ने कहा था कि सरबजीत 14-15 दिन पहले बिना किसी को बताये अचानक अपनी बहन से मिलने चंडीगढ़ के लिए निकला। चंडीगढ़ में वो एक गुरुद्वारे में भी गया। जब उसे पता चला कि उसकी भतीजा गुम हो गया है तो वो दिल्ली लौट आया। सरबजीत के वकील ने कहा कि वो विधानसभा को गुरुद्वारा समझ बैठा और उसमें गलती से घुस गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि सरबजीत खुद कार चलाकर पीलीभीत से चंडीगढ़ गया और वहां से दिल्ली आया।
सरबजीत दिल्ली विधानसभा में 6 अप्रैल को नकाब पहनकर वीआईपी गेट नंबर 2 से बैरिकेडिंग तोड़ते हुए घुस गया। अंदर पहुंच वो सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के दफ्तर पहुंचा और पोर्च में गुलदस्ता रखकर फरार हो गया। बाद में दिल्ली पुलिस ने सरबजीत के साथ दो और लोगों को भी गिरफ्तार किया।