25 साल सेवा के बाद भी प्रमोशन नहीं, हिमाचल के डॉक्टरों ने मांगी उत्तराखण्ड-राजस्थान की तर्ज़ पर पदोन्नति व्यवस्था

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शिमला, 12 अप्रैल । हिमाचल प्रदेश में लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद पदोन्नति नहीं मिलने का मुद्दा अब मेडिकल ऑफिसरों के बीच बड़ा सवाल बनता जा रहा है। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने कहा है कि प्रदेश में कई डॉक्टर करीब 25 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद भी बिना किसी पदोन्नति और अतिरिक्त वित्तीय लाभ के उसी पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एसोसिएशन ने सरकार से उत्तराखंड और राजस्थान की तर्ज पर समयबद्ध करियर प्रोग्रेशन व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के प्रेस सचिव डॉ. विजय राय ने रविवार को कहा कि प्रदेश में प्रमोशनल पदों की कमी के कारण मेडिकल ऑफिसर कैडर का भविष्य प्रभावित हो रहा है और डॉक्टर अपने करियर को लेकर चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि समयबद्ध पदोन्नति की स्पष्ट व्यवस्था न होने से कई डॉक्टर पूरी सेवा अवधि एक ही पद पर काम करने को मजबूर हो रहे हैं, जो उनके मनोबल पर असर डाल रहा है।

उनका कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल के डॉक्टर करियर प्रगति के मामले में पीछे रह गए हैं। उत्तराखंड में डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन व्यवस्था के तहत डॉक्टरों को 4, 9, 13 और 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर क्रमवार पदोन्नति और वित्तीय लाभ दिए जाते हैं। इसी तरह राजस्थान में भी चिकित्सकों के लिए समयबद्ध पदोन्नति और वेतन वृद्धि के स्पष्ट प्रावधान हैं, जबकि हिमाचल में ऐसी व्यवस्था लागू नहीं है।

एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पहले प्रदेश में 4-9-14 एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम लागू थी, जिससे प्रमोशनल पदों की कमी की स्थिति में मेडिकल ऑफिसरों को कुछ वित्तीय राहत मिलती थी। लेकिन वर्तमान में इस तरह के स्पष्ट वित्तीय लाभ नहीं मिलने से मेडिकल ऑफिसर कैडर में भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि डॉक्टरों के लिए जल्द एक सम्मानजनक और समयबद्ध करियर प्रोग्रेशन ढांचा लागू किया जाए, जिससे उन्हें पदोन्नति और वित्तीय लाभ मिल सकें और वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकें।