मैरवा की बेटी श्रुती का अंडर-20 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन

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सीवान, 31 मार्च ।सीवान जिले के छोटे से गांव हरनाथपुर की बेटी श्रुती कुमारी ने बड़ा कमाल कर दिखाया है। एशियन फुटबॉल फेडरेशन द्वारा थाईलैंड में 3 अप्रैल से आयोजित होने वाली अंडर-20 एशियन महिला फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में उनका चयन हुआ है। इस उपलब्धि के साथ न सिर्फ मैरवा बल्कि पूरा सीवान जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

सबसे खास बात यह है कि करीब 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारतीय टीम इस चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर सकी है, और इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनी हैं मैरवा की श्रुती।

श्रुती, हरनाथपुर गांव निवासी अभय यादव की पुत्री हैं। उनकी सफलता के पीछे संघर्ष और मेहनत की लंबी कहानी है। कोच संजय पाठक के मार्गदर्शन में उन्होंने कक्षा 6 से ही आदर्श राजकीय मध्य विद्यालय, मैरवा से अपनी खेल यात्रा शुरू की। इसके बाद रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स अकादमी में आवासीय और गैर-आवासीय प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को निखारा।

कोच संजय पाठक बताते हैं कि श्रुती शुरू से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने बिहार टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए आधा दर्जन से अधिक बार पदक जीते और राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बिहार सरकार ने उन्हें खेल सम्मान से भी नवाजा।

वर्तमान में श्रुती “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के तहत मुजफ्फरपुर समाहरणालय में कार्यरत हैं और साथ ही दिल्ली के गढ़वाल एफसी से जुड़कर प्रोफेशनल फुटबॉल खेल रही हैं। आईडब्ल्यूएल जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उनके खेल में और निखार आया है।

दिलचस्प बात यह भी है कि श्रुती अकेली नहीं, बल्कि उनकी बहन ने भी इसी अकादमी से प्रशिक्षण लेकर बिहार के लिए पदक जीता है। दोनों बहनों को खेल कोटा से सरकारी नौकरी मिल चुकी है, जो उनके परिवार के लिए गर्व की बात है।

श्रुती के भारतीय टीम में चयन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। बिहार राज्य फुटबॉल संघ, सिवान जिला फुटबॉल संघ, आईएमए सिवान के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

गांव की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची श्रुती आज उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो बड़े सपने देखने का हौसला रखती हैं।