मध्य प्रदेश में मार्च में ही झुलसाने लगी गर्मी, रतलाम में पारा 40 डिग्री, 14-15 मार्च को बदलेगा मौसम

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भोपाल, 12 मार्च । मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में ही गर्मी का असर तेज हो गया है। बुधवार को सीजन में पहली बार रतलाम जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई शहरों में भी गर्मी के तेवर तीखे रहे। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश, बादल छाने और गरज-चमक की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव से दो दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी दर्ज की गई। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। नर्मदापुरम में 39.9 डिग्री, धार में 39.4 डिग्री, टीकमगढ़ में 38.4 डिग्री, खजुराहो में 38.2 डिग्री और गुना में 38.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

इसके अलावा दमोह, मंडला, उमरिया, सागर, खरगोन, खंडवा और श्योपुर में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रहा। मार्च में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि ग्वालियर और उज्जैन में 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 36.4 डिग्री और जबलपुर में 36.5 डिग्री रहा।

दूसरे सप्ताह से गर्मी का असर बढ़ा

प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और इंदौर संभाग के शहर सबसे ज्यादा गर्म बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल हवाओं की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी कम होने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं भी प्रदेश में गर्मी बढ़ा रही हैं।

इन जिलों में बदलेगा मौसम

14 मार्च को ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, मुरैना, श्योपुर और भिंड जिलों में मौसम बदलने की संभावना है। 15 मार्च को ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में बादल, बारिश और गरज-चमक का असर देखा जा सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में लू चलने की संभावना है, जो करीब 15 से 20 दिन तक रह सकती है। आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी 15 मार्च के बाद शुरू होती है, लेकिन इस बार मार्च की शुरुआत में ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले 10 सालों के ट्रेंड से अलग इस बार गर्मी ने जल्दी दस्तक दे दी है।