जयपुर, 10 मार्च । होली के दिन एक महिला अधिवक्ता के साथ सार्वजनिक स्थल पर अश्लील हरकत और उनके परिजनों के साथ मारपीट के मामले को लेकर विधायक गोपाल शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में प्वॉइंट ऑफ ऑर्डर के माध्यम से गंभीरता से मुद्दा उठाया।
सिविल लाइंस विधायक शर्मा ने सदन में कहा कि होली जैसे सामाजिक सद्भाव और उल्लास के पर्व पर दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थान पर महिला अधिवक्ता के साथ अश्लील हरकत और मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपी सिविल लाइंस ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष है, जो आदतन अपराधी बताया जा रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित पक्ष पर समझौते के लिए पैसे की पेशकश करने और “आगे देख लेने” की धमकी देने के भी आरोप सामने आए हैं।
मामला उठने पर विपक्षी कांग्रेस सदस्यों ने आपत्ति जताई और सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई। इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता आरोपी का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायकों की पिछली कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी स्मरण कराते हुए कहा कि सदन में मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
हंगामे के बीच सभापति ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि घटना को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विधायक शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले ऐसे अपराधी तत्वों के खिलाफ त्वरित और ठोस कार्रवाई होना आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाया कि सार्वजनिक स्थल पर दिनदहाड़े ऐसा कुकृत्य करने का साहस केवल इसलिए आ सकता है क्योंकि आरोपी कांग्रेस से का नेता है?