नई दिल्ली, 03 मार्च । अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने बिली जीन किंग कप एशिया-ओशिआनिया ग्रुप-I टूर्नामेंट के लिए भारतीय महिला टीम की घोषणा कर दी है। 7 से 11 अप्रैल तक यह प्रतियोगिता दिल्ली के डीएलटीए स्टेडियम में खेली जाएगी। 21 वर्षीय वैष्णवी आडकर को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है।
एआईटीए के आधिकारिक बयान के अनुसार 2 मार्च 2026 को प्रोफेशनल चयन समिति की बैठक में रैंकिंग, प्रदर्शन और उपलब्धता के आधार पर पांच खिलाड़ियों का चयन किया गया। टीम में सहजा यमलापल्ली, वैष्णवी आडकर, श्रिवल्ली भामिडिपाटी, ऋतुजा भोसले और अंकिता रैना को जगह दी गई है, जबकि वैदेही चौधरी को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में रखा गया है। टीम के कप्तान विशाल उप्पल होंगे और कोच की जिम्मेदारी राधिका कनितकर निभाएंगी।
पुणे की रहने वाली वैष्णवी आडकर ने पिछले महीने बेंगलुरु में आईटीएफ डब्ल्यू100 टूर्नामेंट में वाइल्डकार्ड के तौर पर भाग लेते हुए उपविजेता बनकर सबका ध्यान खींचा था। इसके साथ ही वह भारत की नई नंबर-2 खिलाड़ी बन गईं। वह 2009 में सानिया मिर्जा (पटाया ओपन, डब्ल्यूटीए 250) के बाद डब्ल्यू100 या उससे ऊंचे स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
इस प्रदर्शन के दम पर वैष्णवी ने डब्ल्यूटीए रैंकिंग में लंबी छलांग लगाते हुए 690 से 466 तक पहुंच बनाई। फिलहाल वह 468वीं रैंक पर हैं और उनसे आगे केवल सहजा (विश्व रैंकिंग 393) हैं। श्रिवल्ली (520) भारत की नंबर-3 खिलाड़ी हैं। सिंगल्स में इन तीनों पर टीम की जिम्मेदारी होगी।
डबल्स में अंकिता-ऋतुजा की जोड़ी
डबल्स वर्ग में अंकिता रैना (विश्व रैंकिंग 169) को प्रार्थना ठोंबरे (157) से पहले चुना गया है। वह शीर्ष वरीय भारतीय डबल्स खिलाड़ी ऋतुजा भोसले (विश्व रैंकिंग 122) के साथ जोड़ी बना सकती हैं। श्रिवल्ली भी डबल्स में सक्षम खिलाड़ी मानी जाती हैं।
राउंड-रॉबिन प्रारूप में मुकाबले
मेजबान भारत के अलावा इंडोनेशिया, कोरिया गणराज्य, न्यूजीलैंड, मंगोलिया और थाईलैंड इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेली जाएगी। अंत में शीर्ष दो टीमें प्रमोशन पाकर साल के अंत में बीजेके कप प्ले-ऑफ्स में जगह बनाएंगी।
पिछले वर्ष एशिया-ओशिआनिया ग्रुप-I मुकाबले पुणे में खेले गए थे। कप्तान विशाल उप्पल के मार्गदर्शन में भारत ने कोरिया, थाईलैंड, चाइनीज ताइपे और हांगकांग को हराकर न्यूजीलैंड के बाद दूसरा स्थान हासिल किया और इतिहास में दूसरी बार प्ले-ऑफ्स के लिए क्वालीफाई किया था।
उस अभियान में श्रिवल्ली ने पांचों सिंगल्स मुकाबले जीतकर अहम भूमिका निभाई थी, जबकि वैदेही ने दो सिंगल्स जीत दर्ज की थीं। अंकिता और प्रार्थना की डबल्स जीत ने कोरिया के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में भारत को अगले चरण में पहुंचाया था।
हालांकि, नवंबर में बेंगलुरु में खेले गए प्ले-ऑफ्स में भारत को स्लोवेनिया और नीदरलैंड्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिससे टीम इस साल के क्वालीफायर में जगह बनाने से चूक गई।