केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग

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ज्योतिर्मठ, 27 फरवरी । भारत-तिब्बत सीमा से सटे सीमावर्ती विकास खंड जोशीमठ के पैनखंडा समुदाय ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की केंद्रीय सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को ज्योतिर्मठ तहसील मुख्यालय में जनाक्रोश रैली निकाली। समुदाय ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही केंद्र सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजा गया तो आंदोलन उग्र रूप लेगा।

पैनखंडा संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित रैली में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जीआईसी तिराहे से शुरू हुई रैली पूरे नगर से होते हुए तहसील प्रांगण पहुंची, जहां वह जनसभा में परिवर्तित हो गई।

पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर ने कहा कि वर्ष 2016-17 में सीमांत विकास खंड जोशीमठ के पैनखंडा समुदाय को राज्य की ओबीसी सूची में शामिल किया गया था, जिसका लाभ समुदाय को राज्य स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से ही समुदाय को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल किए जाने की मांग की जा रही है, किंतु आठ वर्षों से राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार के बाद अब समुदाय का सब्र टूट चुका है। यदि शीघ्र प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कुंवर ने रैली में बड़ी संख्या में पहुंची मातृशक्ति, युवाओं, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, टैक्सी यूनियन और विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों का आभार जताया।

सभा का संचालन ओमप्रकाश डोभाल ने किया। जनसभा को ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी साह, प्रधान संघ अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल, व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, संघर्ष समिति के संरक्षक भगवती प्रसाद नंबूरी, नगर भाजपा अध्यक्ष अमित सती, एडवोकेट अरुण कुमार साह, बलबीर सिंह रावत तथा टैक्सी यूनियन अध्यक्ष चंडी बहुगुणा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

जनसभा के उपरांत उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया, जिसमें पैनखंडा समुदाय को ओबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल करने हेतु शीघ्र प्रस्ताव भेजने की मांग की गई है।