प्राइवेट बसों की हड़ताल: दूसरे दिन भी थमे रहे पहिए

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जयपुर, 25 फ़रवरी । राजस्थान में निजी बस ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताल का सीधा असर करीब 15 लाख से ज्यादा यात्रियों पर पड़ रहा है। जयपुर,भीलवाड़ा, नागौर और उदयपुर सहित प्रदेशभर में निजी बस संचालकों ने न केवल अपनी बसें बंद रखीं, बल्कि लोक परिवहन की बसों को भी जबरन रोक दिया।

राजधानी जयपुर में सुबह बसें चलाने को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। हड़ताल समर्थकों ने चल रही बसों से सवारियों को जबरन नीचे उतार दिया। वहीं उदयपुर में यात्रियों से भरी एक बस को रोककर उसके टायरों की हवा निकाल दी गई। भीलवाड़ा और नागौर में ऑपरेटर्स ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हड़ताल का सबसे ज्यादा असर खाटूश्यामजी जाने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है। इस मजबूरी का फायदा उठाकर टैक्सी संचालकों ने ‘लूट’ मचा रखी है। यात्रियों का आरोप है कि जयपुर से खाटूश्याम (100 किलोमीटर) के लिए टैक्सियां 6 हजार रुपये तक की मांग कर रही हैं। एडवांस बुकिंग के बावजूद यात्रियों से अतिरिक्त पैसों की वसूली की जा रही है।

परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित सीकर और जयपुर ग्रामीण के अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। विभाग का दावा है कि लोक परिवहन के ऑपरेटर्स हड़ताल में शामिल नहीं हैं और वे बसें चलाना चाहते हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि बस ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि यातायात सुचारू हो सके।

निजी बस संचालकों का आरोप है कि परिवहन विभाग द्वारा मनमाने तरीके से चालान काटे जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऑपरेटर्स का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी और वे किसी भी सूरत में बसें नहीं चलने देंगे।