एसीबी की एसआईटी के मुखिया के पेश होने के आदेश

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जयपुर, 04 फरवरी । राजस्थान हाईकोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में हुए करोड़ों रुपए के घोटालों की प्रभावी जांच नहीं करने से जुड़े मामले में एसीबी की ओर से गठित एसआईटी के मुखिया को 5 फरवरी को पेश होने के आदेश दिए हैं। जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ में आदेश टीएन शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान एडिशनल एसपी श्याम सुंदर और उपाधीक्षक सुरेंद्र पंचोली अदालत में हाजिर हुए उनकी ओर से जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए समय मांगा गया। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पीसी भंडारी ने कहा कि 6 सितंबर 2024 को हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पिछले 5 साल के टेंडर की जांच की आदेश दिए थे और याचिकाकर्ता को कहा था कि वह चाहे तो इस संबंध में अपना अभ्यावेदन एसीबी को दे सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से 27 मामलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दस्तावेजों के साथ एसीबी को अभ्यावेदन पेश किया। इसके बावजूद भी एसीबी ने केवल एक मामले में एफआईआर दर्ज की और उसमें भी आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि एसीबी मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एक मामले का उदाहरण बताते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि राजनेट प्रोजेक्ट में 17,500 डिवाइस लगानी थी, लेकिन उसकी जगह केवल 1750 डिवाइस से लगाई गई। इस पर अदालत में मामले में गठित एसआईटी के मुखिया को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।