प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश ने केंद्रीय कारा का किया निरीक्षण
पलामू, 24 मई (हि.स.)। पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दिवाकर पांडेय ने शनिवार को केंद्रीय कारा का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव सौरभ कुमार गौतम भी मौजूद थे।
न्यायाधीश ने कारा के महिला एवं पुरूष बंदियों से अलग अलग मुलाकात की और उनके परेशानियों को जाना।
मौके पर पीडीजे ने कहा कि कोई भी बंदी अधिवक्ता के बिना नहीं रहे। डालसा के द्वारा इसके लिए जागरूकता कैम्प का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि सजायाफ्ता बन्दी अपील अवश्य दाखिल करे। जो लोग अधिवक्ता रखने में सक्षम नहीं हैं वे लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता के माध्यम से काम करा सकते हैं।
उन्होंने एलएडीसी के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि जिन बन्दियों की अपील उच्च न्यायालय में दाखिल नहीं है, उनका डेटा एकत्र कर जल्द से जल्द अपील फाइल करें।
पीडीजे के महिला वार्ड के निरीक्षण में बताया गया कि सभी लोगों का जमानत आवेदन दाखिल है। कुछ लोग सरकारी अधिवक्ता के माध्यम से तथा कुछ लोगों ने निजी वकील के माध्यम से अपील व जमानत अर्जी दाखिल की है।
पीडीजे ने पाकशाला और वार्डों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिन बंदियों की अपील फाइल नहीं की गयी है, वह अपना डेटा के साथ आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकार में दें।
मौके पर कारा अधीक्षक भागीरथ करजी, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ अमिताभ चन्द सिंह, डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय, असिस्टेंट उत्तम कुमार, आशीष रंजन, एलएडीसी के असिस्टेंट अमित विश्वकर्मा, पीएलबी नीरज सिंह, आलोक केरकेटा समेत कई बंदी उपस्थित थे।
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