इंदौर, 31 अक्टूबर । भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों के विकास एवं कल्याण के लिए गठित विकास एवं कल्याण बोर्ड (डीडब्ल्यूबीडीएनसी) के सदस्य स्वरूप सिंह बंजारा ने 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक इंदौर जिले का तीन दिवसीय भ्रमण किया।
इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निवासरत विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू (डीएनटी) समुदायों की बस्तियों का दौरा कर उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति का जायजा लिया। साथ ही समुदाय के लोगों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं शासकीय योजनाओं से लाभान्वित होने की स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान बंजारा ने जिला स्तर के संबंधित अधिकारियों एवं DNT समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समुदाय के सर्वांगीण विकास, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शासकीय सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के संबंध में चर्चा की। इस दौरान जिला सामाजिक न्याय अधिकारी सहित जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, जिला पंचायत, जन अभियान परिषद एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक पहल पर विचार-विमर्श किया गया। जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती ऋतुजा पहाड़िया ने समुदाय के सर्वेक्षण के संबंध में जानकारी दी।
बंजारा ने तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान इंदौर जिले की विभिन्न डीएनटी बस्तियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बस्सी पिपरी, रामपुरिया, जाम खुर्द, गवली पलासिया, माचल बस्ती तथा उमरी खेड़ा स्थित सपेरा एवं कालबेलिया समुदाय की बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने बस्तियों में निवासरत परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी मूलभूत आवश्यकताओं, शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने समुदाय के लोगों की समस्याओं एवं कठिनाइयों को गंभीरता से सुना तथा उनके विकास और कल्याण के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भ्रमण के अंतिम दिन शनिवार को डीएनटी समुदाय के प्रतिनिधियों एवं सदस्यों के साथ विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में समुदाय के समक्ष विद्यमान समस्याओं, विकास संबंधी चुनौतियों तथा केंद्र एवं राज्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बंजारा ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों का समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए उनकी समस्याओं को केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए जमीनी स्तर पर समझना आवश्यक है। समुदाय की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने समुदाय के प्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं एवं सुझावों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखें, ताकि उनके निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
इस तीन दिवसीय भ्रमण का मुख्य उद्देश्य डीएनटी समुदायों की वास्तविक परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करना, उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को समझना तथा उनके विकास एवं कल्याण के लिए प्रशासनिक एवं संस्थागत स्तर पर समन्वित प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में प्रकाश मानावत, प्रदेश महामंत्री, डीएनटी डेवलपमेंट फाउंडेशन मध्य प्रदेश, गेंदालाल जाधव, सदस्य विमुक्त जाति कल्याण समिति, इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राकेश पाल, समाज के वरिष्ठजन मोहन राठौर, एडवोकेट कैलाश मानावत, करण नायक, जोरावर सिंह चौधरी, एडवोकेट सीमा नायक, बबलू राठौर, पूनम राठौर, जय सिंह नायक, एडवोकेट मोहन पाल, नेमिचंद नायक, इंदर सिंह चौधरी, जितेन्द्र यादव, ज्ञानी किरपाल सिंह, रामेश्वर पंवार, शंकर पंवार, आनंद नायक सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
