नई दिल्ली, 02 नवंबर । मणिपुर से कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर किया है। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह अग्रिम जमानत याचिका पर कल यानी 3 नवंबर को सुनवाई करेंगे।
अकोइजाम ने कहा है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस मामले में जेएनयू ने उन्हें प्रोफेसर पद से बर्खास्त कर दिया था, लेकिन आज ही हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगा दी है। अकोइजाम को 9 अक्टूबर को बर्खास्त कर दिया गया था। सेवा से बर्खास्त किए जाने के बाद 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उनके खिलाफ मई में कम से कम 11 महिला छात्रों ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।
अकोइजाम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स’ से जुड़े हुए थे। कई छात्राओं की शिकायतों के बाद जेएनयू की इंटरनल कमेटी ने इस मामले की जांच की। जांच के नतीजों के आधार पर कमेटी ने कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की, जिसके बाद जेएनयू प्रशासन ने अकोइजाम को बर्खास्त कर दिया। अकोइजम ने उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है और इसमें प्रक्रियात्मक खामियों का आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों के संबंध में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और मामले की जांच चल रही है। आज अकोइजाम की ओर से वकील मोइरांगथेम गुनेधोर सिंह ने तर्क पेश किया।
