जयपुर, 02 नवंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह गैर आरएएस से आईएएस पद की पदोन्नति के लिए चयन समिति की सिफारिश पर 15 दिन में निर्णय ले। जस्टिस अनूप कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश नर्मदा इंदोरिया व अन्य की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश के जरिए राज्य सरकार को मामले को किसी विशेष तरीके से तय करने का निर्देश नहीं दिया गया है। वह विधि अनुसार इसे तय करने के लिए स्वतंत्र है। याचिका में अधिवक्ता राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा चयन द्वारा नियुक्ति विनियम, 1997 के तहत राज्य सरकार को चयन समिति की सिफारिश पर 45 दिन में आदेश पारित करना होता है। इसके बावजूद भी करीब छह माह बीतने के बाद भी राज्य सरकार ने अब तक मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। जबकि केन्द्र सरकार अभी भी पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। ऐसे में राज्य सरकार को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार को चयन समिति की सिफारिश पर पन्द्रह दिन में फैसला लेने को कहा है।
गौरतलब है कि ऑल इंडिया सर्विस एक्ट व उसके नियम-विनियम के तहत 66.67 प्रतिशत पद सीधी आईएएस भर्ती से और 33.33 फीसदी पद राज्य सरकार के प्रशासनिक अफसरों से पदोन्नति से भरने का प्रावधान है। वहीं इनमें से 15 फीसदी पदों को अन्य सेवा के अफसरों से भरने का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की विशेषज्ञता की जांच की जाती है।
