सूरजपुर, 14 अक्टूबर । ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों के उपयोग से स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आज बुधवार को सूरजपुर जिले के भैयाथान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर में बांस कला पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। बिहान एवं रैंप योजना के तहत 12 से 14 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण में स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों और इच्छुक उद्यमियों को बांस आधारित उत्पाद बनाने और उनके विपणन की जानकारी दी गई।
कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र सिंह पाटले के नेतृत्व में आयोजित प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक बांस शिल्प को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना रहा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बांस से उपयोगी और आकर्षक उत्पाद तैयार करने, आधुनिक डिजाइन अपनाने, गुणवत्ता सुधारने और बेहतर फिनिशिंग की तकनीकों से अवगत कराया गया।
प्रतिभागियों को बाजार की मांग के अनुरूप नए उत्पाद विकसित करने, उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने तथा स्थानीय और बाहरी बाजारों में बिक्री की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बांस कला से जुड़े कारीगरों, स्व-सहायता समूहों के इच्छुक सदस्यों और बांस आधारित व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखने वाले उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बांस संसाधनों के बेहतर उपयोग, पारंपरिक कौशल के संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इससे प्रतिभागियों को अपने कौशल को निखारने और बांस आधारित उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री के जरिए आय अर्जित करने के नए अवसर मिल सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के उपसंचालक विक्रम, ग्राम पंचायत के सरपंच, जनपद पंचायत सीईओ, जिला पंचायत के एनआरएलएम अधिकारी दिलीप कुमार एक्का, रैंप योजना के जितेन्द्र, पंचायत सचिव तथा बिहान योजना के पीआरपी और कैडर सदस्य उपस्थित रहे।
