पलामू, 29 अक्टूबर । टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन विभाग की पाबंदियों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर संयुक्त ग्राम सभा मंच, बरवाडीह ने गुरूवार को आवाज उठाई है।
मंच ने झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन प्रमुख को मांग पत्र सौंपकर पलामू किला रोड पर लगाए गए बैरियर को हटाने सहित पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। मंच ने चेतावनी दी है कि 30 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर ग्रामीण वन विभाग कार्यालय में तालाबंदी करने को बाध्य होंगे। मंच के अनुसार पलामू किला रोड पर बैरियर लगाए जाने से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पलामू किला जाने के लिए वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले वाहन के लिए 1950 रुपये देने पड़ते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क का निर्माण वन विभाग की एनओसी के बाद पीडब्ल्यूडी की ओर से सरकारी राशि से कराया गया है, तो आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध क्यों लगायी जा रही है।
ग्रामीणों ने पलामू किला को राजा मेदिनीराय की ऐतिहासिक धरोहर और झारखंड की शान बताया। मंच ने जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान का मुआवजा बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति डिसमिल करने की मांग की है। जंगली जानवरों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर 20 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है।
इसके अलावा, फसलों की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को टॉर्च, बैटरी, पटाखे और मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने एवं व्यक्तिगत तथा सामुदायिक वन भूमि पट्टा दिलाने में वन विभाग से सहयोग की मांग की गई है।
संयुक्त ग्राम सभा मंच के प्रतिनिधि कन्हाई सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं पर विभाग को गंभीरता से विचार कर निर्धारित समय के भीतर सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। मांग पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समय पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा।
