पर एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताया।
उसने अपना नाम अभय बताते हुए वाट्सऐप पर फर्जी पहचान पत्र भेजा और बीमा पॉलिसी की जानकारी
उसकी दो जीवन बीमा पॉलिसियों पर ऋण लिए जाने की जानकारी दी गई।
ने पॉलिसी में दर्ज व्यक्तिगत जानकारी में फर्जी तरीके से बदलाव कर ऋण स्वीकृत कराया
और तीन लेन-देन के जरिए लगभग छह लाख रुपये तीन बार में दूसरे बैंक खातों में भेज दिए।
शिकायत के आधार पर 19 सितंबर को साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया।
ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों सुवेब, देव, सचिन, अवि और
राहुल को गिरफ्तार किया।पुलिस ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों, लेन-देन
और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। पुलिस टीम में निरीक्षक पवन कुमार, सहायक
उप निरीक्षक सतीश कुमार, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार, मुख्य सिपाही सुमित कुमार,
