लगाया कि वर्ष 2024 में थाना अग्रोहा में तैनाती के दौरान उसकी पहचान रेणु से हुई थी।
बातचीत के बाद महिला ने कथित रूप से निजी वीडियो के आधार पर उसे बदनाम करने और वीडियो
उसके परिवार को भेजने की धमकी देकर समय-समय पर रुपये लिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि
बाद में महिला ने दो लाख रुपये की मांग की और पूर्व में दिए गए रुपयों के अलावा भी
रकम देने का दबाव बनाया। रुपये देने से इनकार करने पर आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता के
पुत्र को फोन कर धमकी देने और निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की योजना तैयार की।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में लगाया ट्रैप
पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं उपमंडल अधिकारी बरवाला अभय सिंह की मौजूदगी
में ट्रैप लगाया। शिकायतकर्ता के परिचित बलवान को आरोपी द्वारा मांगी गई एक लाख रुपये
की रकम देने के लिए भेजा गया। पुलिस ने 500-500 रुपये के 200 नोट दिए, जिनके सीरियल
नंबर पहले से दर्ज किए गए थे। रकम देने के बाद बलवान ने मिस्ड कॉल के जरिए पुलिस को
संकेत दिया। संकेत मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और आरोपी रेनू
के नीले रंग के बैग से एक लाख रुपये बरामद कर लिए। नोटों के सीरियल नंबरों का मिलान
करने पर वे ट्रैप के लिए दिए गए नोट ही पाए गए। पुलिस ने रकम को कब्जे में लेकर सील
किया तथा कार्रवाई की वीडियोग्राफी और दस्तावेजीकरण किया। मामले में बरवाला थाना में
केस दर्ज किया गया है। उप निरीक्षक सीमा की जांच के बाद उप निरीक्षक कुलबीर ने आरोपी
रेनू को गिरफ्तार कर लिया।