पलामू, 02 सितंबर । जिले के हैदरनगर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बभनडीह के नौनिहाल जान हथेली पर रखकर पढ़ने को विवश हैं। नाले से सटे विद्यालय भवन में बारिश का पानी घुसने से दीवारों में सीलन और जलजला की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लगातार पानी के संपर्क में रहने से भवन की हालत जर्जर होती जा रही है। ऐसे में कभी भी दीवार या नींव के कमजोर पड़ने से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात शुरू होते ही विद्यालय परिसर और भवन के आसपास पानी जमा हो जाता है। पानी के तेज बहाव के कारण भवन की नींव के प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है। विद्यालय भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आजाद हैदर सिद्दीकी ने बुधवार को बताया कि बारिश के दौरान विद्यालय की छत से लगातार पानी टपकता है। कई कमरों में बच्चों के बैठने लायक स्थिति नहीं रह जाती। मजबूरी में सभी कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। इससे पठन-पाठन प्रभावित होने के साथ-साथ बच्चों को काफी परेशानी होती है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय भवन की समस्या से कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
विद्यालय भवन की स्थिति को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में आक्रोश के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भय का माहौल है। अभिभावकों ने उपायुक्त पलामू से तत्काल विद्यालय भवन का स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर नए भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कराने की नौबत न आए।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में जर्जर भवन में बच्चों की पढ़ाई कराना किसी बड़े खतरे को न्योता देने से कम नहीं है। विभाग को तत्काल सुरक्षा के मद्देनजर वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।