शिमला, 01 सितंबर । हिमाचल प्रदेश में सितंबर महीने की शुरुआत ज़ोरदार बारिश के साथ हुई है। मंगलवार को शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। शिमला में बाद दोपहर से लगातार बारिश हो रही है, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। सिरमौर के नाहन और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है और भूस्खलन से सड़कें बंद हुई हैं।
बीते 24 घंटों में कांगड़ा एयरो में सबसे अधिक 9 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। जोगिंदरनगर और मुरारी देवी में 5-5 सेंटीमीटर, धर्मशाला में 4 सेंटीमीटर, नेरी एडब्ल्यूएस और पांवटा में 3-3 सेंटीमीटर बारिश हुई। घाघस, कसौली, ब्राह्मणी, पालमपुर, भरारी, गुलेर, स्लैपर और बिलासपुर सदर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। खदराला, सुजानपुर टीरा, कोठी, नगरोटा सूरियां और रोहड़ू में 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 2 से 5 सितंबर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 2 व 3 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 6 सितंबर को कुछ स्थानों और 7 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
जिलावार चेतावनी की बात करें तो 2 सितंबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 3 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। 4 से 7 सितंबर तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन इन दिनों के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। 2 व 3 सितंबर को किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 2 से 5 सितंबर के बीच निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
लगातार बारिश और भूस्खलन का असर प्रदेश की सड़कों पर पड़ा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार शाम तक प्रदेश में 60 सड़कें बंद थीं। मंडी जिले में सबसे अधिक 26 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 12 और कांगड़ा में सात सड़कें बंद हैं। अन्य जिलों में भी बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें प्रभावित हुई हैं। कुल्लू में 11 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं और प्रदेश में कुल 11 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
बारिश से पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। बिलासपुर में 14, हमीरपुर में 12, सिरमौर के नाहन में 11 और शिमला के रामपुर में दो पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इस तरह कुल 39 पेयजल योजनाओं पर बारिश का असर पड़ा है।
बारिश का असर कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर भी पड़ा है। सोलन जिले में रेल ट्रैक के एक पुल के नीचे से मिट्टी धंसने के बाद इस मार्ग पर रेल सेवा पिछले तीन दिन से बंद है। रेलवे ने अगले आदेश तक इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। मंगलवार को भी इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही नहीं हुई।
इस मानसून सीजन में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने जान-माल को भी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश में अब तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है और 468 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी लापता हैं। मृतकों में 153 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है, जबकि 106 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में गई है।
प्राकृतिक आपदाओं और बारिश के कारण प्रदेश में 460 मवेशियों की भी मौत हुई है। 105 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और 451 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 17 दुकानें और 397 पशुशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं। सरकार के आकलन के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश को करीब 1,202 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। इसमें लोक निर्माण विभाग को अकेले करीब 914 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है।