अलवर में तीन दोस्तों की मौत के बाद बवाल, तीन थानों की पुलिस और सीओ मौके पर, अस्पताल में धरने पर बैठे परिजन

Share

अलवर, 13 सितंबर । अलवर शहर के काली मोरी-मोती नगर क्षेत्र में शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद रविवार को मामला गरमा गया। कार की टक्कर से बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान जितेंद्र सिंह, युवराज और हिमांशु के रूप में हुई है।

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने इसे महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए तीनों की हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि रंजिश के चलते साजिश के तहत तीनों युवकों को कार से कुचला गया।

परिजनों और सर्व समाज के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश कर जाम खुलवाया। हालांकि इसके बाद भी परिजनों और सर्व समाज के लोगों का विरोध जारी है।

बड़ी संख्या में लोग अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे शव नहीं लेंगे।

पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस परिजनों और प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर रही है।

परिजनों और सर्व समाज के लोगों ने पुलिस तथा प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं। इन मांगों को लेकर अस्पताल परिसर में विरोध जारी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। तीन थानों की पुलिस के साथ सीओ भी मौके पर मौजूद हैं।

मौके पर सीओ राजेश कसाना, तहसीलदार रोशन लाल मीणा, अरावली विहार थाना अधिकारी सुनील टांक, कोतवाली थाना अधिकारी दिनेश मीणा और अखेपुरा थाना अधिकारी संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।

अस्पताल परिसर में परिजनों के साथ सर्व समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। इनमें आकाश मिश्रा, ओमप्रकाश शर्मा, प्रेमसिंह राजावत, तुलसी यादव, अमित शर्मा और भूपेंद्र राठौड़ सहित कई लोग शामिल हैं।

फिलहाल अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं परिजनों की ओर से लगाए गए हत्या और साजिश के आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।